वेद भगवान के नेत्र के रूप मे ज्योतिष की गणना की जाती हैं । ज्योतिष जीवन को सही दिशा देने वाला ज्ञान हैं । ज्योतिष के माध्यम से जीवन मे होने वाली संभावित अनहोनी घटनाओ का पूर्वज्ञान प्राप्त कर उनसे सावधानी एवं समाधान प्राप्त किया जा सकता हैं । ग्रह ,नक्षत्र एवं राशियों की सटीक गणना के द्वारा ज्योतिष व्यक्ति के जीवन , कर्म , स्वास्थ्य , शिक्षा , विवाह , व्यवसाय , और आध्यात्मिक उन्नति का मार्गदर्शन करता हैं ।
सही समय पर प्राप्त ज्योतिषीय परामर्श जीवन की अनेक बाधाओ को सरल बना देता हैं । मनुष्य का जन्म केवल देह का प्रारंभ नही ; अपितु पूर्व जन्म के संचित कर्मो का परिणाम हैं , उन्ही कर्मो के अनुसार ग्रह उसकी कुण्डली मे स्थान ग्रहण करते है और जीवन मे सुख-दुख , उत्थान - पतन , सफलता - निष्फलता का निर्माण करते हैं । अपने जीवन मे ज्योतिष का मार्गदर्शन पा कर सुखपूर्वक जीवन यापन करे हमारा उद्देश्य केवल शास्त्रीय मार्गदर्शन का हैं ।।
पूज्य शास्त्री श्री जिगरभाई जोशी जी एक अनुभवी वेदपाठी, ज्योतिषाचार्य, कर्मकांड विशेषज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा प्रवक्ता हैं। वैदिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के गहन अध्ययन के साथ वे वर्षों से लोगों को ज्योतिष, वास्तु एवं धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से सही मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
इनका उद्देश्य केवल भविष्य बताना नहीं, बल्कि वैदिक ज्ञान के आधार पर जीवन की समस्याओं का उचित समाधान देना है। जन्म कुंडली विश्लेषण, वास्तु परामर्श, ग्रह दोष निवारण, पूजा-अनुष्ठान, विवाह एवं पारिवारिक मार्गदर्शन जैसी सेवाओं के माध्यम से अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया है। सत्य, धर्म और सेवा को अपना मूल मंत्र मानते हुए शास्त्री जी प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत एवं विश्वसनीय परामर्श प्रदान करते हैं, जिससे जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके।
सनातन वैदिक परंपरा और ज्योतिषीय ज्ञान के माध्यम से जीवन की समस्याओं का शास्त्रीय समाधान पाएं।
ज्योतिष शास्त्र से संबंधित पुस्तकें ज्योतिष के विभिन्न विषयों पर होती हैं, जैसे कि जन्मकुण्डली, राशिफल, ग्रहों का प्रभाव, ज्योतिष उपाय, नक्षत्र, और भूमंडलीकरण।
वैवाहिक जीवन व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। विवाह से पूर्व दोनों पक्षों की कुंडली का मिलान कराने से अनुकूलता, ग्रहों के प्रभाव और संभावित बाधाओं का पता चलता है। अनुभवी ज्योतिषीय परामर्श से वैवाहिक जीवन अधिक सुखमय, शांतिपूर्ण, सफल और स्थिर बनाया जा सकता है।
वैवाहिक जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विवाह से पहले अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषी द्वारा दोनों पक्षों की कुंडली का मिलान कराना आवश्यक माना जाता है। इससे वैवाहिक जीवन सुखमय, शांतिपूर्ण और स्थिर बनता है तथा भविष्य में आने वाली संभावित समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सकता है।
समय का जीवन में विशेष महत्व है। सही समय पर किए गए कार्य सफलता और शुभ फल प्रदान करते हैं। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय, भूमि पूजन या अन्य किसी भी शुभ कार्य से पहले विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लेकर उचित मुहूर्त में ही कार्य करना चाहिए, जिससे कार्य सफल एवं मंगलमय हो।
जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर उनके शुभ एवं अशुभ प्रभावों को दर्शाती है। ग्रह दोषों के कारण आने वाली बाधाओं के निवारण हेतु विधि-विधान से पूजा, यज्ञ एवं वैदिक अनुष्ठान लाभकारी माने जाते हैं। हमारे विद्वान पंडित शास्त्रोक्त रीति से ग्रह शांति अनुष्ठान संपन्न कराते हैं।
शिक्षा और सही करियर का चयन जीवन की सफलता का आधार है। यदि आप अपने अध्ययन या करियर को लेकर असमंजस में हैं, तो अनुभवी ज्योतिषीय परामर्श आपकी योग्यताओं के अनुसार सही दिशा चुनने में सहायता कर सकता है, जिससे भविष्य उज्ज्वल और सफल बन सके।
कुंडली के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में संभावित रोगों का अनुमान लगाया जा सकता है तथा उनके निवारण हेतु उपयुक्त उपाय भी किए जा सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी विषयों में विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
गृहस्थ जीवन में संतान घर के उद्यान (बगीचे) के समान होती है। उनके बिना घर सूना-सूना प्रतीत होता है। कभी-कभी व्यक्ति के जीवन में संतान संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं अथवा संतानोत्पत्ति में बाधाएँ आती हैं। ऐसी सभी समस्याओं का उचित मार्गदर्शन जन्म कुंडली के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
धन जीवन की प्रगति और सुख-समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। जन्म कुंडली के माध्यम से धन योग, आर्थिक बाधाओं तथा उन्नति के अवसरों का विश्लेषण किया जा सकता है। अनुभवी ज्योतिषीय परामर्श से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर आर्थिक समस्याओं का समाधान और समृद्ध भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मर्यादा के साथ सम्पन्न होने वाली श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ एवं कथा-वाचन हेतु अवश्य संपर्क करें।
श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है। यह कथा जीवन में धर्म, शांति, सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का संचार करती है।
आपकी राशि जानने के लिए आपकी जन्मतिथि और समय का ज्ञान आवश्यक होता है, क्योंकि ज्योतिषशास्त्र में व्यक्ति की राशि उनके जन्मकुण्डली से पता चलती है।
(अ, ल, ई)
(ब, व, उ)
(क, छ, घ)
(ड, ह)
(म, ट)
(प, ठ, ण)
(र, त)
(न, य)
(भ, ध, फ, ढ)
(ख, ज)
(ग, श, स , ष)
(द, च, झ, थ)
कुछ ज्योतिषि उपाय है जो जीवन मे ग़ृहो या किसी अन्य तत्ब के नकारात्मक प्रभाव को कम करती है
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